ग्रन्थागार

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महाविद्यालय के पास विभिन्न विषयों की अधुनातन पुस्तकों से सुसज्जित ग्रन्थागार है | इसमें संदर्भ ग्रन्थों और विभिन्न विषयों के मानक ग्रन्थों को उपलब्ध कराने की चेष्टा रही है | पुस्तकालय से लगा हुआ विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिये वाचनालय है | अनुसंधान करने वाले विद्यार्थियों के लिये भी पुस्तकालय में सुविधायें प्रदान की गयी हैं | ग्रन्थागार और वाचनालय की व्यवस्था एक वरिष्ठ प्राध्यापक एवं प्रशिक्षित पुस्तकालयाध्यक्ष के निर्देशन में संचालित होती है | पुस्तकालय में विभिन्न विषयों के अतिरिक्त राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान क्षेत्र में प्रकाशित उत्तम कोटि की पत्र- पत्रिकाओं और कई महत्वपूर्ण समाचार पत्रों के नियमित आगमन की भी पूर्ण व्यवस्था है | कोलकाता के सेठिया बन्धुओ ने अपनी पूजनीया माता स्वर्गीय श्रीमती पार्वती बाई सेठिया की पुण्य स्मृति में ६ कक्षाओं का एक पृथक ग्रन्थालय प्रखण्ड निर्मित कराया | अगस्त १९७३ से संस्था में एक पुस्तक कोष कार्य करने लगा है | पुस्तकालय में लेखकानुसार पुस्तक सूची विद्यार्थियों की सुविधा के लिये उपलब्ध है | इससे उन्हे पुस्तकालय में अपने विषयों के उपयोगी पुस्तकों का पता लगाने तथा उनकी मांग करने में कोई कठिनाई नहीं होती है | पुस्तक - कोष की योजना से लगभग डेढ़ सौ मेधावी एवं निर्धन छात्र /छात्राओं को पूरे सत्र के लिये सब विषयों की पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जाती हैं | पुस्तक कोष की सुविधा से लाभ उठाने के इच्छुक विद्यार्थियों को अपने प्रार्थना - पत्र समय से पुस्तकालय में जमा कर देने चाहिए |

पुस्तकालय -

प्रवेश की अन्तिम तिथि के एक माह के भीतर विद्यार्थियों को पुस्तकालय कार्ड जिन पर उनके चित्र होंगे प्रदान किये जायेंगे | विद्यार्थी उन्हे सुरक्षित रखने के लिये उत्तरदायी होंगे | पुस्तकालय कार्ड विश्वविद्यालय परीक्षा से पूर्व अवश्य ही पुस्तकालय में वापस कर दिये जाने चाहिए l जो विद्यार्थी पुस्तकालय से ली गयी समस्त पुस्तकों को वापस करने के पश्चात् अपने पुस्तकालय कार्ड पुस्तकालय में जमा नहीं कर देंगे विश्व्वियालय परीक्षाओं के लिये प्रवेश पत्र नहीं दिये जायेंगे l पुस्तकालय कार्ड खो जाने पर उनमें चढ़ी पुस्तकों को लौटने का दायित्व स्वयं उस छात्र का होगा |

+पुस्तकालय सम्बन्धी आवश्यक नियम (click Here)